: दो अधिकारियों का कटा वेतन व एक को कारण बताओ नोटस जारी
Wed, Mar 8, 2023
रतलाम 07 मार्च 2023/
गरीब बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लाडली बहना योजना लागू की गई है। इस योजना के आवेदन भरवाने की कार्रवाई तथा अन्य गतिविधियां उत्सवी माहौल में की जाना है। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की यह अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है जिसका क्रियान्वयन सफलतम रूप में सुनिश्चित करना है। उक्त निर्देश कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए गए। सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिड़े, एसडीएम तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए कि लाडली बहना योजना के क्रियान्वयन में सभी बहनों के प्रपत्र भरवाने, बैंक खातों को आधार से लिंक करवाने, 23 वर्ष से 60 वर्ष आयु की महिलाओं की ईकेवाईसी करवाने, योजना में प्रतिदिन के सर्वे की जानकारी गूगल शीट पर दर्ज करने, अधिकारियों को पूर्ण निष्ठा के साथ करना है जिससे कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित नहीं रहे। लाडली बहना योजना के संबंध में कलेक्टर ने सभी संसाधनों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैंक में डीबीटी इनेबल्ड खाते खुलवाने, समग्र आईडी में सुधार करवाने के लिए भी एसडीएम, जनपदों के सीईओ की जिम्मेदारी निर्धारित की।
बैठक में जनजाति कार्य विभाग के तहत अंतर जाति विवाह प्रकरणों की समीक्षा में बताया गया कि 9 प्रकरणों में संबंधित जोड़े को राशि दी जाना बाकी है। कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्त प्रकरणों का निराकरण बगैर देरी किए करने के निर्देश दिए।
बैठक में अनुपस्थित रहने पर उपसंचालक मत्स्य तथा एसडीओ फॉरेस्ट का एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। इसके अलावा उपसंचालक उद्यानिकी को शोकाज नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया गया
। श्रम विभाग को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में कार्य में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सीएम हेल्पलाइन में 75 प्रतिशत वेटेज प्राप्त नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की गई। जनसुनवाई के लंबित शिकायतों के निपटारे की समीक्षा की गई। स्कूल शिक्षा विभाग के तहत स्कूलों को प्राप्त मरम्मत की राशि के उपयोग का सत्यापन के निर्देश सभी एसडीएम तहसीलदार को दिए गए।
: डॉ. कैलास नाथ काटजू विधि महाविद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण समारोह संपन्न
Sat, Mar 4, 2023
रतलाम, 04 मार्च 2023।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जे.के.माहेश्वरी ने रतलाम एजुकेशनल सोसायटी द्वारा संचालित डॉ. कैलासनाथ काटजू विधि महाविद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण किया। पहले महाविद्यालय पहुंचकर उन्होंने फीता काटा और फिर शिलालेख का अनावरण कर नए भवन का अवलोकन किया। बाद में श्रीजी पैलेस में आयोजित लोकार्पण समारोह को सम्बोधित करते हुए विधि के क्षेत्र को विशिष्ट क्षेत्र बताया। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने की। इस मौके पर बार कौंसिल ऑफ इंडिया के को-चेयरमेन प्रताप मेहता, विशिष्ट अतिथि रहे। रतलाम एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष एवं शहर विधायक चेतन्य काश्यप सहित महाविद्यालय के ट्रस्टीगण मंचासीन थे।
न्यायमूर्ति श्री जे.के. माहेश्वरी ने विद्यार्थियों को प्रेरक उद्बोधन में कहा कि ‘‘मैं पास्ट में बहुत ज्यादा मुड़ कर नहीं देखता, लेकिन उसको याद जरूर करता हूँ क्योंकि यदि मैं उसे याद नहीं रखुंगा तो मैं आगे नहीं बढ़ सकूँगा, लेकिन मैं उसे उखाड़ता नहीं हूँ। मैं वर्तमान में जीने वाला आदमी हूँ। जो पास्ट में था उससे नसीहत लेकर वर्तमान अच्छा बनाने की कोशिश करता हूँ। आज मैं सबके साथ हूँ, यह मेरा अच्छा वर्तमान है। मैं विधि विद्यार्थियों से कहना चाहता हूँ कि मेरा पास्ट सबने सुनाया। एक चीज़ का ध्यान रखे आपके लिए बहुत अच्छा भगवान ने सोच रखा है। आप तो अपना वर्तमान अच्छा करते जाईए, भविष्य आपका अपने आप अच्छा हो जाएगा और इसका उदाहरण मैं आपके सामने हूँ। आप जिस रास्ते को चुने उसी पर आगे बढ़े। मुरैना जिले के एक गांव से निकलकर मैं यहां तक पहुंचा हॅू, तो आप ओर ऊॅचाईयों पर जा सकते है।
उन्होंने कहा कि विधि व्यवसाय चुनने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि व्यक्ति की विश्लेषण करने की क्षमता बढ़ जाती है। इस क्षेत्र में ईमानदारी, समर्पण और मेहनत करने वाले को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। विद्यार्थियों को रीडिंग, राईटिंग, डिस्कशिंग एवं थिंकिंग पर ध्यान देना आवश्यक है। इससे कभी विफलता नहीं मिलेगी। 5 साल संघर्ष करके बहुत आगे बढ़ सकते है, लेकिन युवा पीढ़ी को मालुम नहीं की उसे कहां दिमाग लगाना चाहिए। शिक्षा पूर्ण करते ही यह पीढ़ी सीधे मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़ना पसंद कर रही है, जबकि भविष्य का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।
मातृ भाषा में शिक्षा देने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य -
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण समारोह में कहा कि न्यायमूर्ति श्री माहेश्वरी मध्यप्रदेश का गौरव है। मध्यप्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि मेडिकल की शिक्षा मातृ भाषा में शुरू करने वाला वह पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि महाराजा विक्रमादित्य की न्याय व्यवस्था अनुकरणीय थी। उससे प्रेरित होकर ही विधि के क्षेत्र को सुदृढ़ करने का कार्य रतलाम एजुकेशनल सोसायटी कर रही है।
देश में ऐसा युनिक कॉलेज नहीं मिलेगा -
बार कौंसिल ऑफ इंडिया के को-चेयरमेन प्रताप मेहता ने कहा कि देश में ऐसा युनिक कॉलेज नहीं मिलेगा। इसमें बी.ए. एल.एल.बी. प्रारंभ करने के लिए निरीक्षण पर जब वे आए थे, तो सुविधाएं नहीं थी। सोसायटी अध्यक्ष एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने जब उन्हें आश्वस्त किया कि सारी सुविधाएं विकसित करवाई जाएगी, तब सशर्त अनुमति दी गई थी। खुशी की बात है कि आज महाविद्यालय का नया भवन बन चुका है। श्री मेहता ने महाविद्यालय में अच्छी फैकल्टी रखने पर जोर दिया, जिससे रतलाम का नाम रोशन हो।
अलाभकारी शिक्षा का मॉडल है रतलाम लॉ-कॉलेज
रतलाम एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि संविधान में शिक्षा अलाभकारी पद्धति से चलाने का प्रावधान है और रतलाम लॉ-कॉलेज का संचालन उसी आधार पर हो रहा है। विधि, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में देश को जब तक उच्च स्तर पर नहीं पहुंचाएंगे, तब तक सही मायने में विकास नहीं कर पाएंगे। रतलाम का लॉ कॉलेज अलाभकारी संस्था है। इसकी आधार शिला छोटे शहरों एवं कस्बों में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रखी गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से कई विभूतियां निकली है। न्यायमूर्ति श्री माहेश्वरी भी उनमें से एक है, जो मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के बाद आंध्रप्रदेश, सिक्किम में कार्य कर आज सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे है।
दीप प्रज्जवलन कर किया शुभारंभ
लोकार्पण समारोह के आरंभ में ट्रस्ट के सचिव डॉ. वाते ने संस्था परिचय देते हुए कहा कि वर्ष 1962 में नगर पालिका के पार्षदों ने ट्रस्ट बनाकर लॉ कॉलेज की स्थापना की थी। पहले वर्ष 25 विद्यार्थियों से शुरू हुए विधि महाविद्यालय में आज 500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत है। अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। ट्रस्ट अध्यक्ष श्री काश्यप, उपाध्यक्ष निर्मल कटारिया, सचिव डॉ. संजय वाते, कोषाध्यक्ष केदार अग्रवाल, भवन निर्माण संयोजक एवं ट्रस्टी निर्मल लुनिया, ट्रस्टी सुभाष जैन, कैलाश व्यास, उमेश झालानी, डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला सहित प्राचार्य डॉ. अनुराधा तिवारी, विद्यार्थी मंथन मुसले, जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष अभय शर्मा, कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी एवं एस.पी. अभिषेक तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। अधिवक्ता परिषद ने इस मौके पर न्यायमूर्ति श्री माहेश्वरी को तुलसी का पौधा भेंट किया। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गए। समारोह का संचालन ट्रस्टी डॉ. चांदनीवाला ने किया। आभार उपाध्यक्ष निर्मल कटारिया ने माना।
: स्वच्छता अभियान में वाहन खरीदी हेतु विधायक निधि से 25 लाख स्वीकृत
Sat, Mar 4, 2023
रतलाम, 3 मार्च 2023।
शहर में स्वच्छता के लिए वाहनों की कमी अब नहीं होगी। विधायक चेतन्य काश्यप ने शहर में कचरा संग्रहण वाहनों की खरीदी के लिए विधायक निधि से 25 लाख रूपए स्वीकृत कर महापौर प्रहलाद पटेल को इसका पत्र सौंप दिया है। उक्त राशि के माध्यम से निगम 16 नए कचरा संग्रहण वाहनों की खरीदी की जाएगी, जिसमें अतिरिक्त शेष राशि नगर निगम की होगी।
विधायक काश्यप ने महापौर पटेल को पत्र सौंपा नगर निगम 16 कचरा संग्रहण वाहनों की करेगा खरीदी
: स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को पहले नंबर पर लाने की कवायद नगर निगम कर रही है, लेकिन निगम के पास वार्डों में घर-घर जाकर कचरा संग्रहण करने वाले कुछ वाहन खराब हो चुके है। विधायक श्री काश्यप द्वारा कचरा वाहनों की कमी होने से आमजन की परेशानी को देखते हुए विधायक निधि से 25 लाख रूपए की राशि नगर निगम को स्वीकृत की है। उक्त राशि से नगर निगम को काफी मदद मिलेगी। निगम के द्वारा विधायक निधि से जारी की गई राशि में शेष राशि मिलाकर 16 नए कचरा संग्रहण वाहनों की खरीदी जल्द ही की जाएगी, जिससे प्रत्येक वार्ड में नियमित रूप से कचरा संग्रहण वाहन जा सके और प्रतिदिन हर घर से कचरा संग्रहित कर स्वच्छता में रतलाम को नंबर वन लाया जा सके।