भारत सरकार और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिले में
'प्रशासन गांव की ओर अभियान'
तेजी से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को कलेक्टर
श्रीमती मिशा सिंह
ने प्रशासनिक अमले के साथ आलोट क्षेत्र के करवाखेड़ी क्लस्टर की विभिन्न ग्राम पंचायतों का सघन दौरा किया। उन्होंने न केवल विकास कार्यों का जायजा लिया, बल्कि ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांची, रसोइयों की सुध ली :
ग्राम आक्याकला में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सीधे स्कूल के किचनशेड पहुँचीं। वहां उन्होंने बच्चों के लिए बन रहे मध्याह्न भोजन (दाल, रोटी और सब्जी) को स्वयं खाकर उसकी गुणवत्ता परखी। उन्होंने रसोइयों से चर्चा की और जब उन्हें पता चला कि उनका चार माह का मानदेय लंबित है, तो उन्होंने तत्काल भुगतान के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी में बच्चों की कम उपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कार्यकर्ता को सभी बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
कोठडी ताल: फरवरी 2026 तक तैयार होगा खेल मैदान :
कलेक्टर ने हाई स्कूल कोठडी ताल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने साइंस और कंप्यूटर लैब की शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया। निर्माणाधीन खेल मैदान को लेकर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि खेल मैदान का कार्य
फरवरी 2026
तक और कंप्यूटर लैब का कार्य
अप्रैल 2026
तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। गांव में गंदे पानी की शिकायत मिलने पर उन्होंने पीएचई (PHE) विभाग को तत्काल जल परीक्षण (Water Testing) के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य और अधोसंरचना पर जोर :
आक्याकला में निर्माणाधीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने सब-इंजीनियर को निर्देशित किया कि जब तक फिनिशिंग, टंकी और बिजली का कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण न हो जाए, तब तक भवन को हैंडओवर न लिया जाए।
किसान चौपाल: जैविक खेती से समृद्ध होंगे अन्नदाता :
अभियान के तहत ग्राम आक्या खुर्द में किसान बनेसिंह के खेत पर
'किसान चौपाल'
का आयोजन किया गया। यहां कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने किसानों को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी और कम लागत में बेहतर मुनाफे के तरीके बताए।
मौके पर समस्याओं का समाधान :
करवाखेड़ी क्लस्टर मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन, एसडीएम रचना शर्मा और अन्य अधिकारियों के साथ ग्रामीणों के आवेदनों की समीक्षा की। कई समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया गया, जबकि शेष को अनुश्रवण पंजी में दर्ज कर समय सीमा में हल करने के निर्देश दिए गए।